तृतीय श्रेणी शिक्षक ट्रांसफर कब होंगे?
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यह सवाल आज राजस्थान के लगभग हर तृतीय श्रेणी शिक्षक के मन में है। कोई जनप्रतिनिधियों से मिल रहा है, कोई शिक्षक संघों के माध्यम से प्रयास कर रहा है, कोई अधिकारियों से जानकारी ले रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि जब तक सरकार ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू नहीं करती, तब तक कोई भी व्यक्तिगत प्रयास अंतिम निर्णय नहीं बदल सकता।
Golden Chance क्यों है?
REET भर्ती 2025 के लगभग 9759 शिक्षकों की जॉइनिंग जल्द होने वाली है। यदि सरकार चाहे तो इनकी जॉइनिंग से पहले लगभग 9759 से 10,000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
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प्राथमिकता इन प्रकरणों को मिल सकती है—
- पति-पत्नी प्रकरण
- गंभीर बीमारी
- एकल महिला
- विधवा
- परित्यक्ता
- विकलांग / दिव्यांग
- अन्य विशेष श्रेणियाँ
इससे नए शिक्षक सीधे रिक्त पदों पर जॉइन करेंगे और हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है।
आपके ट्रांसफर केवल दो बातों पर निर्भर हैं
- यदि मुख्यमंत्री जी स्वयं ट्रांसफर खोलने का निर्णय लें।
- यदि राजस्थान के सभी शिक्षक और शिक्षक संघ एकजुट होकर लगातार प्रयास करें।
इन दो बातों के अलावा कोई भी तरीका ट्रांसफर की गारंटी नहीं देता। अब आपको स्वयं सोचना है कि आप इनमें से किस हिस्से को मजबूत कर सकते हैं।
सरकार और शिक्षकों दोनों के लिए सबसे बेहतर समाधान
पहला चरण
REET भर्ती 2025 के 9759 शिक्षकों की जॉइनिंग से पहले लगभग 10,000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर किए जाएं। इसके बाद नई भर्ती के शिक्षक रिक्त स्थानों पर जॉइन करें।
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दूसरा चरण
इसके बाद जब DPC होगी तब लगभग 20,000 शिक्षक द्वितीय श्रेणी में पदोन्नत हो सकते हैं। यदि उस समय भी नई भर्ती से पहले ट्रांसफर कर दिए जाएं तो एक और बड़ा वर्ग राहत पा सकता है।
तीसरा चरण
सबसे पहले बाहरी जिलों (Inter District) के शिक्षकों को राहत दी जाए। MGGS में पहले भी लगभग 10000 हजारों शिक्षकों को राहत मिल चुकी है। इसी प्रकार चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाने से लगभग 40,000 शिक्षकों को लाभ मिल सकता है।
चौथा चरण
इसके बाद जिला स्तर पर Mutual Transfer शुरू किए जाएं, जिससे और अधिक शिक्षकों को लाभ मिल सके।
क्या इससे बेहतर कोई रास्ता है?
यदि आपके पास इससे बेहतर और व्यावहारिक सुझाव है तो अवश्य बताइए। हम सभी शिक्षकों की राय सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
2022 का मौका क्यों याद रखना चाहिए?
2022 में भी नई भर्ती से पहले ट्रांसफर करने का बड़ा अवसर था। यदि उस समय बड़ी संख्या में ट्रांसफर होते और उसके बाद नई भर्ती की जॉइनिंग होती, तो हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकती थी। आज फिर ऐसा ही एक अवसर सामने दिखाई दे रहा है।
इसलिए मांग केवल इतनी है कि नई भर्ती की जॉइनिंग से पहले पात्र शिक्षकों के ट्रांसफर किए जाएं।
अब आपको क्या करना चाहिए?
यदि आप वास्तव में ट्रांसफर चाहते हैं तो केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट देखने से काम नहीं चलेगा।
- अपने जिले के सक्रिय शिक्षक संघ से संपर्क करें।
- संघ पदाधिकारियों को फोन करें और उनसे मिलें।
- अकेले नहीं, अधिक से अधिक शिक्षक साथ जाएं।
- अपने विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दें।
- अपने जिले में लगातार ट्रांसफर की मांग उठाएं।
- दूसरे शिक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ें।
यदि यही काम राजस्थान के सभी जिलों में एक साथ शुरू होता है, तो निश्चित रूप से सरकार और मीडिया दोनों का ध्यान इस मुद्दे पर जाएगा।
शिक्षक संघ क्या करें?
बहुत से शिक्षक कहते हैं कि शिक्षक संघ कुछ नहीं कर रहे। लेकिन एक बात समझनी होगी— शिक्षक संघ की ताकत शिक्षकों की एकता से ही बनती है।
क्या आपने अपने संघ को फोन किया? क्या आप उनसे मिले? क्या आपने अपने ट्रांसफर की बात रखी?
जब शिक्षक स्वयं सक्रिय होंगे तभी आंदोलन भी मजबूत होगा।
जरूरत पड़े तो जयपुर में बड़ा आंदोलन
यदि पूरे राजस्थान के शिक्षक और सभी शिक्षक संघ एक मंच पर आ जाते हैं, तो जयपुर में बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
यदि प्रत्येक शिक्षक संघ अपने साथ सैकड़ों-हजारों शिक्षक लेकर आए, तो बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्र हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में सरकार पर सकारात्मक निर्णय लेने का दबाव बन सकता है।
अंतिम बात
आपके ट्रांसफर आपकी एकजुटता और सक्रियता पर भी निर्भर करते हैं।
यदि आपके पास इससे बेहतर सुझाव, योजना या समाधान है तो हमें अवश्य बताइए। आपकी राय हजारों शिक्षकों तक पहुंचाई जाएगी।
अब क्या करें?
कई शिक्षकों की शिकायत है कि “गर्मियों की छुट्टियों में बड़ा आंदोलन क्यों नहीं हुआ?” लेकिन यदि पिछले कुछ महीनों की परिस्थितियों को ध्यान से देखें, तो पूरी तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है।
- DPC Calendar जारी हुआ, जिससे अधिकांश शिक्षकों को उम्मीद थी कि जल्द ही द्वितीय श्रेणी पदोन्नति होगी और उसके बाद ट्रांसफर का रास्ता भी आसान हो जाएगा।
- इसके बाद जनगणना से संबंधित कार्य शुरू हुए।
- फिर RPSC परीक्षाओं की ड्यूटी लगी।
- इसके बाद NEET परीक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं की जिम्मेदारियां रहीं।
- लगभग 1 जुलाई तक बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति (Permission) भी व्यावहारिक रूप से उपलब्ध नहीं हो सकी।
हम स्वयं भी अनुमति प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। जो लोग लगातार इस विषय पर काम कर रहे हैं, वे इन सभी परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। सरकार और शिक्षा विभाग भी इन घटनाक्रमों से अनजान नहीं हैं।
अब केवल एक बात पर ध्यान दीजिए
अब जो समय बचा है, उसका पूरा उपयोग करना होगा। यदि REET भर्ती 2025 के लगभग 9759 शिक्षकों की जॉइनिंग से पहले ट्रांसफर की मांग मजबूत नहीं हुई, तो यह एक महत्वपूर्ण अवसर हाथ से निकल सकता है।
वर्तमान में DPC से जुड़े कुछ मामले न्यायालय में लंबित हैं। अंतिम निर्णय और आगे की प्रक्रिया में समय लग सकता है। ऐसे में केवल DPC का इंतजार करना हर शिक्षक के हित में हो, यह आवश्यक नहीं है।
यदि नई भर्ती की जॉइनिंग पहले हो गई और ट्रांसफर नहीं हुए, तो जॉइनिंग से पहले ट्रांसफर करवाने का यह महत्वपूर्ण अवसर निकल सकता है।
इसलिए अभी से अपने जिले के शिक्षक संघों से जुड़िए, अपने साथियों के साथ जनप्रतिनिधियों से मिलिए, ज्ञापन दीजिए और पूरे राजस्थान में एक साथ ट्रांसफर की मांग को मजबूत कीजिए।
यही समय है। यदि अभी प्रयास नहीं किया, तो बाद में केवल अफसोस ही रह सकता है।
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जब तक प्रत्येक शिक्षक इस अभियान को आगे नहीं बढ़ाएगा, तब तक यह आवाज़ सीमित लोगों तक ही रहेगी।
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