MSRA Task 1.2, 1.3 और 1.5 – राजस्थान विद्यालयों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित Mission for School Result Achievement (MSRA) के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण टास्क लागू किए गए हैं। इनमें से Task 1.2, 1.3 और 1.5 सीधे तौर पर विद्यालयों की दैनिक उपस्थिति, अभिभावक–शिक्षक संवाद और बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम से जुड़े हुए हैं।
यह पोस्ट विद्यालयों, शिक्षकों तथा प्रशासकीय अधिकारियों के लिए एक सिंगल रेफरेंस गाइड के रूप में तैयार की गई है, ताकि वे सभी निर्देशों को एक ही जगह पर स्पष्ट रूप से समझ सकें।
सामग्री सूची
MSRA Task 1.2 – विद्यार्थियों की ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति
इस टास्क का उद्देश्य सभी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित, सटीक एवं ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति दर्ज करना है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी की स्कूल से जुड़ाव की स्थिति स्पष्ट रहे और सीखने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से चलती रहे।
1. मुख्य लक्ष्य
- हर छात्र–छात्रा की रोज़ाना उपस्थिति ShalaDarpan पोर्टल/App पर दर्ज करना।
- प्रार्थना सभा के तुंरत बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर उपस्थिति पूर्ण करना।
- अनुपस्थित विद्यार्थियों की पहचान कर उन पर समय पर फॉलो–अप करना।
2. जिम्मेदारियाँ – कौन क्या करेगा?
| भूमिका | जिम्मेदारी |
|---|---|
| विषय शिक्षक / कक्षा शिक्षक | कक्षा में उपस्थित एवं अनुपस्थित विद्यार्थियों की उपस्थिति को मोबाइल/वेब पोर्टल पर तुरंत दर्ज करना। |
| कक्षा–अध्यापक (Class Teacher) | अपनी पूरी कक्षा की दैनिक उपस्थिति की पूर्णता और शुद्धता सुनिश्चित करना। |
| शालादर्पण प्रभारी | विद्यालय की सभी कक्षाओं की ऑनलाइन रिपोर्ट की मॉनिटरिंग करना और त्रुटि होने पर सुधार कराना। |
| खंड / ब्लॉक / जिला अधिकारी | विद्यालय निरीक्षण के समय उपस्थिति रिपोर्ट देखना और आवश्यक मार्गदर्शन/निर्देश देना। |
3. प्रक्रिया – कैसे करना है?
- विद्यालय में इंटरनेट युक्त मोबाइल या कंप्यूटर उपलब्ध कराया जाए।
- प्रार्थना सभा के बाद कक्षा–अध्यापक द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी की उपस्थिति दर्ज की जाए।
- सामान्यतः रिपोर्ट देखने के लिए मार्ग:
Reports (New) → Student → Student Daily Attendance Report (App / Web).
4. KPI (प्रदर्शन मापदंड)
- समय पर उपस्थिति दर्ज करने वाली कक्षाओं का प्रतिशत।
- जिन कक्षाओं में Zero Attendance की स्थिति नहीं बनी, उनका प्रतिशत।
- लगातार अनुपस्थित या कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के लिए की गई कार्यवाही का रिकॉर्ड।
MSRA Task 1.3 – नियमित अभिभावक–शिक्षक बैठक (PTM)
MSRA Task 1.3 का फोकस विद्यालय, विद्यार्थी और अभिभावकों के बीच मज़बूत संवाद और साझेदारी बनाना है। इसके अंतर्गत सभी विद्यालयों में नियमित रूप से Parent–Teacher Meeting (PTM) आयोजित की जानी अनिवार्य है।
1. मुख्य उद्देश्य
- अभिभावक और शिक्षक के बीच विश्वास एवं समन्वय बढ़ाना।
- विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, उपस्थिति और व्यवहार पर खुली चर्चा।
- कमजोर क्षेत्रों, विशेष आवश्यकताओं एवं सुधार की दिशा स्पष्ट करना।
2. PTM कब और कैसे?
- हर विद्यालय में प्रति माह कम से कम एक नियमित PTM आयोजित की जाएगी।
- तिथि एवं समय की सूचना अभिभावकों को पहले से (नोटिस, SMS, WhatsApp, विद्यार्थी के माध्यम से आदि) दी जाएगी।
- बोर्ड कक्षाओं (5, 8, 10, 12) की PTM को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
3. PTM की अनुशंसित संरचना
| सेशन | अनुमानित समय | मुख्य गतिविधियाँ |
|---|---|---|
| 1. सामूहिक संबोधन | लगभग 25 मिनट | प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय के परिणाम, योजनाएँ, सुविधाएँ और महत्वपूर्ण घोषणाओं पर चर्चा। |
| 2. कक्षा–स्तर PTM | 30–45 मिनट | कक्षा–अध्यापक द्वारा विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट, उपस्थिति, अनुशासन एवं कमजोर विषयों पर बातचीत। |
| 3. व्यक्तिगत बैठक (One–to–One) | लगभग 30 मिनट | विशेष केस वाले विद्यार्थियों (बहुत कमजोर/बहुत प्रतिभाशाली/व्यवहारिक समस्या) के अभिभावकों से व्यक्तिगत चर्चा। |
4. रिकार्ड एवं रिपोर्टिंग
- PTM में उपस्थित अभिभावकों की उपस्थिति रजिस्टर में प्रविष्टि अनिवार्य है।
- मीटिंग में लिए गए निर्णय, सुझाव और कार्ययोजना को लिखित रूप में सुरक्षित रखा जाए।
- निर्देशानुसार PTM से संबंधित फोटो/रिपोर्ट को पोर्टल या विंडो पर अपलोड किया जा सकता है।
5. KPI (प्रदर्शन मापदंड)
- PTM में उपस्थित होने वाले अभिभावकों का प्रतिशत।
- PTM के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन और परिणाम में दिखाई देने वाला सुधार।
- विद्यालय–अभिभावक समन्वय में बढ़ती सहभागिता और संतुष्टि।
MSRA Task 1.5 – बोर्ड कक्षाओं के शैक्षणिक परिणाम में सुधार
MSRA Task 1.5 सीधे तौर पर बोर्ड कक्षाओं (5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं) के विद्यार्थियों के परिणाम से जुड़ा है। इन कक्षाओं के परिणाम विद्यार्थियों के भविष्य, उच्च शिक्षा के अवसरों और करियर पर गहरा प्रभाव डालते हैं, इसलिए इनके लिए विशेष और योजनाबद्ध प्रयास अपेक्षित हैं।
1. मुख्य उद्देश्य
- बोर्ड परीक्षाओं में अधिकतम विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करना।
- उत्तर–लेखन कौशल, समय प्रबंधन और परीक्षा–आधारित अभ्यास को मजबूत करना।
- कमजोर विद्यार्थियों की पहचान करके उन्हें Remedial / Extra Classes के माध्यम से सहायता देना।
2. प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियाँ
-
समय प्रबंधन एवं उत्तर–लेखन प्रशिक्षण
बोर्ड पैटर्न पर आधारित प्रश्न–पत्रों के साथ समय–बद्ध अभ्यास टेस्ट लेकर विद्यार्थियों को यह सिखाना कि दिए गए समय में प्रश्न–पत्र कैसे हल करना है और उत्तर को साफ–सुथरे, बिंदुवार व तर्कपूर्ण तरीके से कैसे लिखना है। -
मॉडल प्रश्न–पत्र और Mock Tests
नियमित अंतराल पर मॉडल पेपरों के माध्यम से परीक्षा जैसी स्थिति तैयार करना ताकि विद्यार्थी वास्तविक बोर्ड परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। -
Remedial / Extra Classes
जिन विद्यार्थियों को किसी विषय में निरंतर कठिनाई हो, उनके लिए अलग से कक्षाएँ, पुनरावृत्ति सत्र और Doubt–Clearing Classes आयोजित करना। -
ऑनलाइन एवं पुस्तक संसाधनों का उपयोग
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध सामग्री, मॉडल पेपर, ब्लूप्रिंट आदि का नियमित उपयोग करवाना और पुस्तकालय के उपयोग की आदत विकसित करना। -
अभिभावक सहभागिता
बोर्ड कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विशेष PTM आयोजित कर घर पर अध्ययन का वातावरण, समय–सारणी और मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर मार्गदर्शन देना। -
तनाव प्रबंधन एवं स्वास्थ्य
योग, प्राणायाम, हल्की कसरत, स्वस्थ भोजन तथा पर्याप्त नींद की आदतों पर जोर देना, ताकि परीक्षा के दौरान विद्यार्थी मानसिक रूप से शांत और आत्मविश्वासी रहें।
3. KPI (प्रदर्शन मापदंड)
- समय पर परीक्षा में उपस्थित होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत।
- 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत।
- 75%–90% के बीच अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत।
- NDA, NEET, IIT, Olympiad, CLAT आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थियों की संख्या।
- कक्षा 5 एवं 8 में A Grade प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत।
तीनों MSRA टास्क का संक्षिप्त सार एवं तुलना
नीचे दी गई तालिका यह दर्शाती है कि MSRA Task 1.2, 1.3 और 1.5 एक–दूसरे से जुड़े होने के बावजूद अलग–अलग स्तर पर कैसे काम करते हैं:
| टास्क | मुख्य फोकस | लागू वर्ग | प्रमुख उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| MSRA Task 1.2 | ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति | सभी कक्षाएँ | विद्यार्थियों की नियमितता और विद्यालय से जुड़ाव सुनिश्चित करना। |
| MSRA Task 1.3 | नियमित अभिभावक–शिक्षक बैठक (PTM) | सभी विद्यार्थी एवं अभिभावक | संवाद, सहयोग और समस्या–समाधान के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना। |
| MSRA Task 1.5 | बोर्ड परिणाम सुधार | कक्षा 5, 8, 10, 12 | उच्च परिणाम, बेहतर लेखन कौशल, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास विकसित करना। |
निष्कर्ष – विद्यालयों के लिए क्या अपेक्षित है?
MSRA के ये तीनों टास्क – 1.2 (दैनिक उपस्थिति), 1.3 (नियमित PTM) और 1.5 (बोर्ड परिणाम सुधार) – मिलकर एक ऐसी प्रणाली बनाते हैं जो विद्यालयों को अधिक अनुशासित, उत्तरदायी और परिणाम–उन्मुख बनाती है।
यदि विद्यालय स्तर पर इन निर्देशों को गंभीरता से लागू किया जाए तो विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन, अभिभावक सहभागिता और बोर्ड परिणाम – चारों क्षेत्रों में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है। स्कूल प्रबंधन के लिए यह आवश्यक है कि:
- दैनिक उपस्थिति समय पर और सही तरीके से ShalaDarpan पर दर्ज की जाए,
- हर माह नियमित PTM आयोजित कर अभिभावकों को विद्यालय की योजना और बच्चे की प्रगति से जोड़ा जाए,
- बोर्ड कक्षाओं के लिए अलग से लक्ष्य तय कर व्यवस्थित अभ्यास, Mock Tests और Remedial Classes चलाई जाएं।
यह लेख केवल मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार किया गया है। विस्तृत एवं आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल आदेश (MSRA Task 1.2, 1.3, 1.5 परिपत्र) का अवलोकन अवश्य करें।
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