Cigarettes and Other Tobacco Products New Order for School 2024
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तम्बाकू सेवन मानव जीवन के लिए एक त्रासदी है, जिसके सेवन से असमय मनुष्य काल कलवित हो जाते हैं । इसी प्रकार बच्चे भी तम्बाकू निर्मित उत्पादों, जैसे सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान–मसाला इत्यादि की शुरूआत कर इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं ।

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कार्यालय – निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर
तम्बाकू सेवन मानव जीवन के लिए एक त्रासदी है, जिसके सेवन से असमय मनुष्य काल कलवित हो जाते हैं । इसी प्रकार बच्चे भी तम्बाकू निर्मित उत्पादों, जैसे सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान–मसाला इत्यादि की शुरूआत कर इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं । तम्बाकू उत्पादन उद्योग द्वारा उत्पाद वृद्धि हेतु प्रसारित विभिन्न प्रकार के विज्ञापन किशोर एवं युवाओं को कम उम्र में तम्बाकू उत्पादों के उपयोग की ओर धकेल रहे हैं।
- राजस्थान राज्य में इस नशे की भयावह जकड़न का अंदाजा युवाओं व बच्चों में भी तम्बाकू और गुटके के सेवन के आदी होने से लगाया जा सकता है।
- यदि समय रहते इन्हें इस आदत से मुक्त करवा दिया जाये, तो कैंसर, हृदयाघात एवं श्वास संबंधी रोगों से उन्हें बचाया जा सकता है।
- भारत सरकार द्वारा उपर्युक्त गंभीर तथ्यों के दृष्टिगत एक व्यापक कानून “The Cigarettes and Other Tobacco Products (Prohibition of Advertisement and Regulation of Trade and Commerce, Production, Supply and Distribution) Act 2003” लागू किया गया, जो दिनांक : 01.05.2004 से संपूर्ण राष्ट्र में प्रभावी है तथा संक्षेप में “COTPA-2003” के नाम से प्रचलित है।
- उक्त अधिनियम की धारा 4 एवं विशेष रूप से धारा-6 के प्रावधानों को समस्त सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं / संस्थानों में प्रभावी रूप से लागू किए जाने के क्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक : 01.09.2004 तथा संशोधित अधिसूचना दिनांक : 19.01.2010 क्रमशः “शैक्षिक संस्थाओं के आस–पास सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों पर प्रतिबन्ध नियमावली – 2004 ” तथा “सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (शैक्षिक संस्थाओं द्वारा बोर्ड प्रदर्शित करना) नियमावली-2009” द्वारा उक्त अधिनियम के प्रावधानों को अमली जामा पहनाया गया है।
- उक्त विधिक प्रावधानों के क्रम में इस कार्यालय के पूर्व निर्देश पत्र दिनांक : 04.05.2012 व 27.07.2012 एवं परिपत्र दिनांक : 26.08.2019 के अनुवर्तन में समस्त सम्बन्धित अधिकारी क्षेत्राधिकार के समस्त राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों / शिक्षण संस्थानों तथा कार्यालयों में अग्रांकित निर्देशों की अक्षरशः पालना हेतु प्रभावी प्रबोधन एवं समुचित पर्यवेक्षण किया जाना सुनिश्चित करें
- विद्यालय प्रवेश द्वार एवं प्रत्येक मंजिल के विशिष्ट स्थान पर ” धूम्रपान निषेध” का बोर्ड आवश्यक रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए । उक्त बोर्ड पर विद्यालय प्रभारी का नाम, पद व फोन नम्बर जिस पर शिकायत की जा सके, प्रदर्शित किया जाना चाहिए । विद्यालय / संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर चार दीवारी के पास सुगम अवलोकनीय स्थल पर ” तम्बाकू एवं उत्पाद मुक्त विद्यालय / तम्बाकू मुक्त संस्थान” का बोर्ड आवश्यक रूप से लगाया जायेगा ।
- शिक्षण संस्थाओं में एक तम्बाकू नियंत्रण कमेटी का गठन किया जावे, जिसमें शिक्षक छात्र जन प्रतिनिधि एवं स्थानीय पुलिस थाना प्रतिनिधि इत्यादि शामिल हों, जो इसकी कठोरता से पालना करें ।
- अगर कोई व्यक्ति विद्यालय परिसर में धूम्रपान करता हुआ अथवा तम्बाकू उपभोग हेतु प्रेरित करता हुआ / तम्बाकू उत्पाद वितरित करता हुआ पाया जाता है, तो बिन्दु संख्या 02 में उल्लेखित तम्बाकू नियंत्रण कमेटी ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध सांकेतिक रूप से 100 रूपये तक तथा पुनः दोहराव की स्थिति में उस व्यक्ति पर 200 रूपये तक का जुर्माना लगाने हेतु सक्षम होगी। बावजूद उक्त प्रतिबन्ध का पुनः उल्लंघन की स्थिति पाई जाने की अवस्था में विद्यार्थी के विरूद्ध विभागीय प्रावधानानुसार कार्यवाही की जाएगी तथा सम्बन्धित कार्मिक के विरूद्ध नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी को तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही के प्रस्ताव प्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध अधिनियम में विहित प्रावधानों के अनुरूप तत्काल निर्दिष्ट कार्यवाही सम्पादित की जाएगी।
- किसी भी शिक्षण संस्था / संस्थान के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पाद नहीं बेचा जायेगा |
- शैक्षणिक संस्थाओं के प्रधानाचार्य / प्रबंधक यह सुनिश्चित करें कि शैक्षणिक संस्था के परिसर के मुख्य द्वार पर एक बोर्ड लगा होना चाहिए, जिस पर सुस्पष्ट अक्षरों में यह लिखा हो- “शैक्षणिक संस्थाओं के 100 गज के दायरे में गुटखा, बीड़ी, सिगरेट या अन्य कोई तम्बाकू उत्पाद बेचना दण्डनीय अपराध है, इसका उल्लंघन किये जाने पर 200 रूपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है ।”
- उपर्युक्त बिन्दुओं के तहत जुर्माने सम्बन्धी कार्यवाही संपादन से वसूल की गई संपूर्ण जुर्माना राशि का विद्यालय में पृथक से अभिलेख संधारण किया जायेगा एवं उक्त राशि का उपयोग विद्यालय में साफ–सफाई एवं स्वच्छता सम्बम्धी कार्यों हेतु किया जायेगा ।
- शिक्षण संस्थाओं एवं कार्यालयों में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम प्रमुखता से आयोजित किये जावें, शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम तम्बाकू नियंत्रण पर केन्द्रित हो और तम्बाकू नियंत्रण से संबंधित पोस्टर्स व अन्य आई.ई. सी. प्रमुखता से प्रदर्शित की जावे ।
( आशीष मोदी)
आई.ए.एस.
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निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर
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